Posted by: rajprajapati | 10/06/2011

जनक्रांति से राष्ट्रक्रांतिका आखरी रास्ता

जनक्रांति से राष्ट्रक्रांतिका आखरी रास्ता.

थोडे दिनो पहेले अन्ना हजारे और बाबा रामदेवके अनशन का जीस जोरो से आंदोलन चला था तो ऐसा लगता था की भारत अब भ्रष्टाचार रहित हो जायेगा. लेकीन कुछ हुआ नहीं किसको हक्क्ति में क्या करना है वो कीसीको भी मालुम नहीं था, भारत सरकारने कानून बाबा रामदेव को भगाया दीया, एक लाख लोगो ने अनशन कीया था कोइअ फर्क नहीं पड प्रसाशन पर कोइ प्रभाव नहीं पडा.

वास्तवमे,.. भ्रष्टाचार भगाने के लीये अनशन की कोइ जरूरत नहीं है. कोइ भी राष्ट्र ऐसा नहीं है की वहा की सरकारे भ्रष्टाचार के बीना ही सरकार चला शके,.. सरकार बनाने के लीये ही भ्रष्टाचार करना पडता है.. तब जा के कोइ एक राजनैतिक पार्टी सरकार बना शकती है,.. चुनाव जीतना पडता है,. संविधान के अनुसार सदस्यो का बहुमत जुटाना पडता है,…

आज भारत में कोंग्रेस की सरकार है, ऐसा लोग समजते है. लेकीन उनके साथ बहुत सारे दुसरी पार्टी के सदस्य भी सरकार में सामील है. जो सरकार में है लेकीन जीस तरीके से सरकार चलनी चाहिये वैसे सरकार चलने नहिं देते,…

तो अब क्या कोइ रास्ता नहीं है की सच्चे लोगो की सरकार रचायी जा शके ?

है…सभी बिमारीओ का इलाझ होता है.. सही वैधराज की सेवा मुकरर होनी चाहिये,…

वैसे..हमारे राष्ट्र से भ्रष्टाचार भगाने के लीये हमे ही जागृत होकर हमारा आम आदमी का प्रजाकीय संगठ्ठन बनाना पडेगा,.. भारत के सभी गांव और तहेसील तक, जील्ला और राज्य तक सही तरीके से संगठ्ठन बनाने और चलाने के लीये हमे हमारा पब्लीक संविधान बनाना पडेगा,..

कोइ संगठ्ठन चलाने और निभाने के लीये खास तरीके बंधारण या ने बायलोज होना जरुरी है. बाबा रामदेव के पास पैसा है काफी सदस्य भी है.. लेकीन आम जनता के मन मे नयी चेतना जगाने का कोइ कार्यवाहक नहीं है.. जब तक संगठ्ठन में कोम्युनीकेशन ठीक से नहीं होता है तो संगठ्ठन बनता नहीं.. लोगो को इकठा करने से संगठ्ठन नहीं बन जाता,.. संगठ्ठन एक व्यवस्था है..वो व्यवस्था में हर एक घर का एक – एक नागरीक कोइ ना कोइ रूप से जुडा रहेना चाहिये,…कोंग्रेस का हो या भाजपा का हो, और दुसरी कोइ भी राजनैतिक पार्टी का संगठ्ठन होता है उसके लीये लगातर काम चालु रहेता है…अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के पास कोइ ठोस संगठ्ठन नहीं है जो है..उसका चुनाव के समय में कोइ खास भुमीका नहीं होती है,

संगठ्ठन की स्पष्ट रूप से विचार धारा और राजनैतिक नितीयां आम नागरीक के मन तक पहोचनी चाहिये,.. 124 अरब की आबादी वाले लोकतंत्र में 18000 जाती पाती के लोगो के एक विचार में जोडने का काम चांद पर ओटो रीक्षा चलाने जीतना कठीन है कठीन जरुर है लेकीन असंभव नहीं है.. जरा सी महेनत से एक ही साल में सारा भारत एक संगठ्ठन में सामील हो जायेगा,..

कोइ भी नागरीक क्यो,.. नयी विचारधारामें जुडेगा ?.. जब उनको उसमें अपना कोइ स्वार्थ नजर आता हो,… दुसरी बात ये भी है की भारत के 70 प्रतिशत नागरीको को अपने मतदान का मुल्य ही मालुम नहीं है, दुसरा 80 प्रतिशत नागरीको को देश के कायदे कानून की कोइ समजदारी नहीं है,.. तीसरी बात आम नागरीक चिजो और सेवाओ के उपयोग से रोजाना कीतना टेकस भरता है वो जानकारी भी नहीं है.. सबसे पहेले तो देश के सभी नागरीको को रोजाना कीतना टेकस भरते है उसकी गीनती करने का आहवान करना है.. दुसरा विधानसभायें और लोकसभा के साथ राजसभा कैसे चलती है उनके लीये कायदे कानून और कैसे नियम बने है वो सब राज्यो की मातृभाषा में कीताबकी हर दुकान में उपलब्ध होना चाहिये,.

हमने बहुत बार लीखा है की अब भारत की लोकसभा और राजसभा का काम काज और सरकार के सारे कार्य राष्ट्र भाषा हिन्दी में होना आवश्यक है,. अंग्रेजी में सब होता है तो आम आदमी की समज में आता नहीं है.. विधानसभाओ और विधान परीषदो का कामकाज स्थानिक मातृभाषा में होना चाहिये, और न्यायालयो में भी सारा कार्य हिन्दी में होना चाहिये,,,..  

हमारे देशमें हर कोइ नागरीक टेकस भरता रहेता है.. उसके बदले में चिकित्सासेवा, शीक्षासेवा और सामाजीक सुरक्षा प्रदान करने की संविधानीक जिम्मेवारी सरकार की है,. चिकित्सा और शिक्षा निशुल्क मुहया करनानेकी जिम्मेवारी सरकार की है,.. क्योंकी  सरकार हर कोइ चिजो पर और हर कोइ सेवाओमें से आम नागरीक से टेकस के रूप में रोजाना बहुत सारा रूपीया बटोरते है.. आम नगारीक हर चीज पर लीया जानेवाला टेकस और हर कोइ सेवाओ में से लीये जाने वाले टेकस की गीनती करने लगेगा तो सब को मालुम होगा की सरकार चाहे कोइ भी हो, सब के सब भ्रष्टाचार ही करते है.. सामाजीक सुरक्षा के लीये पुलीस है तो पुलीस तो भारत की सबसे बडी भ्रष्ट व्यवस्था बन गयी है, शिक्षा का अब धंधा हो गया है, चोर का भाइ घंटी चोर जैसी राजनैतिक पार्टीयां हमारे देश के लोगो को चुसने के सीवा और कोइ काम नहीं करती,…

आप समज ते है की जो सबका होगा वो मेरा या हमारा होगा तो आप सबसे बडे बेवकुफ हो,,, क्युकी आप की तरह ही सब ऐसा ही सोच के भगवान के भरोसे चुप बैठे है तो उसका पुरा फायदा देश के भ्रष्टाचारी लोग उठा रहे है…

सही समाज व्यवस्था बनाने के लीये आप को अपने आप से ही चेतना की जागृती करनी होगी,..

आप को अब हंमेशा के लीये भुल जाना है की आप कोइ कोम है, आम हिन्दु भी नहीं हो, आप मुस्लीम भी नहीं हो,  आप जैन भी नहीं हो, आप शीख भी नहीं हो.. आप का लहुं लाल है, दो कान है दो हाथ है, दो आंखे है, दो पांव है.. तो सब इंसान को वैसा ही है,.

आप में और समाज के दुसरे लोगोमें कोइ फर्क नहीं आप मा की पेट से पैदा हुऐ है तो बाकी सब भी मा के पेट में ही पले है..आप अपने आपको राजकारन के लोगो की बातो और भाषनो की बातो से जुदा समजते हो,..और वो आपकी कायदा बेवकुफी है,,.

एक बार कोइ तुम्हारा मतदान ले लेता है तो दुबारा उसको आप मतदान करते हो तो वो लोकशाही की हत्या ही है..

आप आज तक सबकुछ जानते हुए भी भ्रष्टाचार करने वाली राजनैतिक पार्टी के उम्मीदवारो को मतदान करते रहे हो तो भ्रष्टाचार नहीं होगा तो क्या होगा,..

हम सब हर चुनाव में बार बार लोकशाही की हत्या करते रहे है… आज कोइ इस के लीये जीम्मेवार  है तो वो आप, मे, और हम सब है,…  

अब हम ही कुछ नया रास्ता बनाते है..

आप को अपने दिल की बात सुनकर एक दुसरे से जुडना है,..

आप को कोम, जाती, बीरादरी, ज्ञाति, जैसी सारी बेवकुफीओ को छोडना है,..

जो सच है उसको ही स्विकार करना है.. सत्य है वो ही विजेता होता है..

भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने का एक ही रास्ता है, जो

आप से शुरू हो रहा है,….

तो ..आप वो रास्ते पर कैसे चलेगें ?

आप जहा भी रहेते हो,.. वहा के सभी ज्ञाति के, सभी कोम के,. सभी बीरादरी के,. सभी जाती के 20 से 50 साल की उम्र के एक – एक सदस्य को इक्ठा करो,.. जो बाते आपने अभी अभी पढी है उसकी बात उसके सबके सामने करो,.. आप को समज में आया है .तो उसको भी समजाओ,…

सभी जाती, ज्ञाति, बीरादारी, कोम के सदस्यो को जोडकर एक मंडल की रचाना करो,.. सभी सदस्यो  को बोलो के अपने परीचित ना हो ऐसे सीर्फ 10 सदस्यो को वो आप के मंडल मे जोडे,…

आज की कमाइ और खर्च के हीसाब से, देखे तो हर एक सदस्य से.. फक्त 50 से 100 रूपीया की फी सदस्य दान के रूप में हर महिना लेना चालु करो,.. जो जाती का नागरीक एक बार अध्यक्ष बन जाये वो दुबारा दुसरी सभी ज्ञाती इवम जाती, कोम से आये सदस्य नागरीक अध्यक्ष बन ना बन जाये तब तक दुबारा अध्यक्ष नहीं बन पायेगां,…

देखो आप को ये फीर से पढना है..सोचना है,,. और एक –दो दिन समय निकाल कर आपको ये राष्ट्रसेवा के लीये करना है,..

मै..बहुत जल्द ही गांव- गांव से राष्ट्र को जोड ने वाला संगठ्ठन बन जाये और अच्छी तरह चले भी और चुनाव में अच्छे लोगो का चुनाव कर शके ऐसी व्यवस्था के लीये,..

खास बायलोज बना रहा हुं,…

हमे हर कोइ नागरीक को जोड शके और सारे देश के सभी घरो मे जीसका प्रभाव हो ऐसी व्यवस्था के साथ चलनेवाला संगठ्ठन रचाना है.. उसका बंधारण ( संविधान और नियम ) भी बनाने है..समज लो के मेरे पास तो तैयार है,, हिन्दी में टाइप कर के इस ब्लोग मे प्रसिध्ध करना बाकी है,..

आप आज मानो या मानो,,..

आप को आज अभी जो सच को जाना- समजा है.. उसको अपना ना भी है…

जब भी आपका मन कहे तब ..

आप…

राज प्रजापति के मोबाइल पर संपर्क भी कर शकते है.. संपर्क करने से पहेले आप को इसी साइट में दीये सारे हिन्दी लेखो को पढना है..बाद में आप बात करेगें तो काफी अच्छा रहेगा…

आशा की जाती है.. आप.. सही रास्ते को समज गये हो,..

आप को क्या करना है,.. वो भी जानते हो,,,

जब आपका मन भ्रष्टाचार भगाने की लीये हडबाडा के तैयार हो जाये तब,

आप अपने आप इस रास्ते पर कदम रख देना…

वंदे मातरम,,,,,,,,मातरम,…..वं..दे…मातरम,,,,,,,वंदे मातरम,,,,,,


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